Friday, 1 May 2026

लड़की


लड़की




एक लड़की
घर की लाडली
घर में हर जगह
उसका ही चूं-चूं-चूं
फिर पंख अचानक
घर में
लड़की के
बढ़े हुए दिखाई देने लगते हैं
और क्या
फिर शादी
और
अपने ही आँगन से
वह दूर हो जाती है
और उसे सिखा दिया गया होता है—
नया घर
नए लोग
नई ज़िम्मेदारियाँ
या कहें
नए रिश्ते
फिर भी वह चिड़िया
अपने मम्मी-पापा के आँगन में ही
उड़ना चाहती है
पर समय
बहुत कठोर होता है
नई ज़िम्मेदारियाँ
प्रेम के ठहराव को
असंतुलित कर देती हैं
फिर
धीरे-धीरे
मम्मी-पापा
यादों में बसने लगते हैं
समय चलता है
उम्र बढ़ती है
और
लड़की की दुनिया
पति
और बच्चों के
संतुलन पर केंद्रित हो जाती है
पर लड़की की
एक दुनिया
हमेशा
फ्रिज के कोने में रखी
आइसक्रीम की तरह होती है
जहाँ
उसके मम्मी-पापा रहते हैं
फिर
एक दिन
पापा चले जाते हैं
जैसे
पीछे खड़ा पहाड़
अचानक गायब हो जाए
लड़की
संभलती है
बचपन से उसने
यही तो सीखा है
पर सच कहूँ
वह
अधूरी हो जाती है
और
कुछ समय बाद
मम्मी भी चली जाती हैं
यहीं से
मायका
पूरा छूट जाता है
घर वही
पर
कोई अपना नहीं
दरवाज़े वही
पर
कोई इंतज़ार नहीं
लड़की का मायका
मम्मी-पापा के साथ ही
साँस लेता है
उनके बाद
वह मायका नही
सिर्फ एक जगह रह जाता है



हेमंत कुमार"अगम"
भाटापारा छत्तीसगढ़ 

No comments:

Post a Comment